Best Morning Vichar Hindi MSG - RATHORE CREATIONS
*"दु:ख"*
*एक "अनुभव" है*
*जो आज हर एक के पास है..*
*फिरभी जिंदगी में*
*वही "कामयाब" है*
*जिसको*
*खुद पर "विश्वास" हे...!!!*
*सच्चा स्नेह करने वाला*
*केवल आपको बुरा बोल*
*सकता है....,*
*कभी आपका बुरा नहीं*
*कर सकता क्योंकि.....*
*उसकी नाराजगी में आपकी*
*फिकर और ..*
*दिल में आपके प्रति सच्चा*
*स्नेह होता है*
✍ *भाव बिना बाजार में,*
*वस्तु मिले ना मोल,,,,*
*तो भाव बिना "प्रभु " कैसे मिले,*
*जो है अनमोल...*
*इस संसार में*
*भूलों को माफ करने की क्षमता*
*सिर्फ तीन में है*
*माँ... महात्मा...और परमात्मा...*
*अगर मैं सोचूं कि मुझे*
*किसी की भी ज़रूरत नहीं..*
*तो ये मेरा 'अहम' है👍🏻*
*और अगर मैं सोचूं कि*
*सबको मेरी ज़रूरत है..*
*तो ये मेरा 'वहम' है🌹*
*सच तो ये है*
*हम तुम से ,तुम हम से*
*हम सब एक दूजे से हैं*
*यही जीवन का सच है*
*❝ बहुत सौदे होते हैं संसार में,*
*मगर..*
*सुख बेचने वाले*
*और*
*दुःख खरीदने वाले नहीं* *मिलतें,*
*पता नहीं क्यों ?*
*लोग रिश्ते छोड़ देते हैं*
*लेकिन जिद नहीं..!❞*
*रेसटोरेंट में जाकर खाना हो तो भले ही खाओ पर "चातुर्मास शुरू हो रहा है" इस बहाने चिल्ला चिल्लाकर मत खाना।*
*धर्म ना कर पाओ तो एक बार चल जाएगा किन्तु धर्म की निंदा ना हो इसका खयाल रखना!*
*अच्छे लोगों की इज्जत*
*कभी कम नहीं होती*
*सोने के सौ टुकड़े करो,*
*फिर भी कीमत*
*कम नहीं होती*।
*भूल होना "प्रकृत्ति" है,*
*मान लेना "संस्कृति" है,*
*और उसे सुधार लेना "प्रगति" है.
"चरण रखते है मेरे गुरु जहाँ, वहाँ पुण्य का सैलाब आता है....
पाप कटते है गुरु दर्शन से,चरणो मे मस्तक झुक जाता है...
कुछ मांगो ना अपने गुरुवर से,बिन माँगे ही सब मिल जाता है...
गुरुपूर्णिमा के अवसर पर सभी गुरुवर के चरणों मे कोटि कोटि नमन
जय~जय गुरूदेव
*हित चाहने वाला पराया भी अपना है*
*और अहित करने वाला अपना भी पराया है*।
*रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है*
*और औषधि वन में पैदा होकर* *भी हमारा लाभ ही करती है।*
*परमात्मा की तस्वीर लगाओ*
*“मन के "कक्ष" में*
*फ़िर सारे फै़सले होंगें*
*“आपके "पक्ष" में"*
प्रशंसा की भूख
अयोग्यता
की परिचायक है
काबिलियत की तारीफ तो
विरोधियों
के भी दिल से निकलती है
*सभी शब्दों का अर्थ मिल*
*सकता है*
*परन्तु*
*जीवन का अर्थ*
*जीवन जी कर*
*और*
*सबंध का अर्थ*
*सबंध निभाकर ही मिल*
*सकता है*
_*कुछ बोलने*_
_*और*_
_*तोड़ने में*_
_*केवल*_
_*एक पल लगता है..,*_
_*जबकि*_
_*बनाने और मनाने में*_
_*पूरा जीवन लग जाता है।*_
_*प्रेम सदा माफ़ी*_
_*माँगना पसंद करता है,*_
_*और*_
_*अहंकार सदा माफ़ी*_
_*सुनना पसंद करता है..!*_
.
*किसी ने पूछा कि*
*इस दुनिया में आपका*
*अपना कौन है..???*
*ज्ञानी व्यक्ति ने हंसकर*
*कहा: 'समय'*
*अगर वो सही है,*
*तो सभी अपने हैं,*
*वरना कोई भी नहीं*
.
*अच्छा वक़्त सिर्फ उसी का होता है*
*जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते*
*सुख दुख तो अतिथि हैं*
*बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे*
*यदि वो नहीं आयेंगे तो हम*
*अनुभव कहां से लायेंगे*
*जिन्दगी को खुश रहकर जिओ*
*क्योकि रोज शाम सिर्फ सूरज ही नहीं ढलता आपकी अनमोल जिन्दगी भी ढलती है*
.
*रिश्ते निभाने के लिए बुद्धि नहीं,*
*दिल की शुद्धि होनी चाहिये..!!*
*सत्य कहो, स्पष्ट कहो, सम्मुख कहो,*
*जो अपना हुआ तो समझेगा,*
*जो पराया हुआ तो छुटेगा.!!*
लंबा धागा और लंबी जुबान..
हमेशा उलझ जाती है।
इसलिए धागे को लपेट कर रखें
और जुबान को समेट कर रखें.
*समझदार व्यक्ति कई बार जवाब होते हुए भी पलट कर नही बोलते**क्यों कि,..... कई बार रिश्तो को जिताने के लिए..... खामोश रह कर, ..... हारना जरूरी होता है*
*किसी ने सच ही कहा है* *.....कि लड़ना चाहता हूं अपनो से*,*लेकीन डरता हूँ, की ......जीत गया...... तो सब कुछ .....हार .....जाऊँगा*
*💐🙏जिस मनुष्य के हृदय* *में"सच्ची मानवता"हो उसकी* *सोच हमेशा यही होगी कि* *मुझे मिला हुआ दुःख* *किसी को नही मिले और**मुझे मिला हुआ सुख सबको मिले*।🙏💐
*अच्छाई एक न एक दिन अपना असर जरूर दिखाती है, भले ही थोड़ा वक्त ले ले!* *बस सब्र का दामन थाम कर रखें, वक्त आपका ही होगा!!*
*❝ बात इतनी मीठी रखो की,* *कभी वापिस लेनी पड़ जाए तो….* *ख़ुद को भी कड़वी ना लगे..!❞*
*आत्मा भी अंदर है**परमात्मा भी अंदर है**आत्मा के परमात्मा**से मिलने का रास्ता**भी अंदर ही है ..*
_*"खुद"को "खुद" के अंदर ही बोध करो...*__*अपने कर्माें पर भी कभी तो शोध करो...*_
*"आनंद"* *एक "आभास" है* *जिसे हर कोई ढूंढ रहा है...*
*"दु:ख"*
*एक "अनुभव" है*
*जो आज हर एक के पास है..*
*फिरभी जिंदगी में*
*वही "कामयाब" है*
*जिसको*
*खुद पर "विश्वास" हे...!!!*
*सच्चा स्नेह करने वाला*
*केवल आपको बुरा बोल*
*सकता है....,*
*कभी आपका बुरा नहीं*
*कर सकता क्योंकि.....*
*उसकी नाराजगी में आपकी*
*फिकर और ..*
*दिल में आपके प्रति सच्चा*
*स्नेह होता है*
✍ *भाव बिना बाजार में,*
*वस्तु मिले ना मोल,,,,*
*तो भाव बिना "प्रभु " कैसे मिले,*
*जो है अनमोल...*
*इस संसार में*
*भूलों को माफ करने की क्षमता*
*सिर्फ तीन में है*
*माँ... महात्मा...और परमात्मा...*
*अगर मैं सोचूं कि मुझे*
*किसी की भी ज़रूरत नहीं..*
*तो ये मेरा 'अहम' है👍🏻*
*और अगर मैं सोचूं कि*
*सबको मेरी ज़रूरत है..*
*तो ये मेरा 'वहम' है🌹*
*सच तो ये है*
*हम तुम से ,तुम हम से*
*हम सब एक दूजे से हैं*
*यही जीवन का सच है*
*❝ बहुत सौदे होते हैं संसार में,*
*मगर..*
*सुख बेचने वाले*
*और*
*दुःख खरीदने वाले नहीं* *मिलतें,*
*पता नहीं क्यों ?*
*लोग रिश्ते छोड़ देते हैं*
*लेकिन जिद नहीं..!❞*
*रेसटोरेंट में जाकर खाना हो तो भले ही खाओ पर "चातुर्मास शुरू हो रहा है" इस बहाने चिल्ला चिल्लाकर मत खाना।*
*धर्म ना कर पाओ तो एक बार चल जाएगा किन्तु धर्म की निंदा ना हो इसका खयाल रखना!*
*अच्छे लोगों की इज्जत*
*कभी कम नहीं होती*
*सोने के सौ टुकड़े करो,*
*फिर भी कीमत*
*कम नहीं होती*।
*भूल होना "प्रकृत्ति" है,*
*मान लेना "संस्कृति" है,*
*और उसे सुधार लेना "प्रगति" है.
"चरण रखते है मेरे गुरु जहाँ, वहाँ पुण्य का सैलाब आता है....
पाप कटते है गुरु दर्शन से,चरणो मे मस्तक झुक जाता है...
कुछ मांगो ना अपने गुरुवर से,बिन माँगे ही सब मिल जाता है...
गुरुपूर्णिमा के अवसर पर सभी गुरुवर के चरणों मे कोटि कोटि नमन
जय~जय गुरूदेव
*हित चाहने वाला पराया भी अपना है*
*और अहित करने वाला अपना भी पराया है*।
*रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है*
*और औषधि वन में पैदा होकर* *भी हमारा लाभ ही करती है।*
*परमात्मा की तस्वीर लगाओ*
*“मन के "कक्ष" में*
*फ़िर सारे फै़सले होंगें*
*“आपके "पक्ष" में"*
प्रशंसा की भूख
अयोग्यता
की परिचायक है
काबिलियत की तारीफ तो
विरोधियों
के भी दिल से निकलती है
*सभी शब्दों का अर्थ मिल*
*सकता है*
*परन्तु*
*जीवन का अर्थ*
*जीवन जी कर*
*और*
*सबंध का अर्थ*
*सबंध निभाकर ही मिल*
*सकता है*
_*कुछ बोलने*_
_*और*_
_*तोड़ने में*_
_*केवल*_
_*एक पल लगता है..,*_
_*जबकि*_
_*बनाने और मनाने में*_
_*पूरा जीवन लग जाता है।*_
_*प्रेम सदा माफ़ी*_
_*माँगना पसंद करता है,*_
_*और*_
_*अहंकार सदा माफ़ी*_
_*सुनना पसंद करता है..!*_
.
*किसी ने पूछा कि*
*इस दुनिया में आपका*
*अपना कौन है..???*
*ज्ञानी व्यक्ति ने हंसकर*
*कहा: 'समय'*
*अगर वो सही है,*
*तो सभी अपने हैं,*
*वरना कोई भी नहीं*
.
*अच्छा वक़्त सिर्फ उसी का होता है*
*जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते*
*सुख दुख तो अतिथि हैं*
*बारी बारी से आयेंगे चले जायेंगे*
*यदि वो नहीं आयेंगे तो हम*
*अनुभव कहां से लायेंगे*
*जिन्दगी को खुश रहकर जिओ*
*क्योकि रोज शाम सिर्फ सूरज ही नहीं ढलता आपकी अनमोल जिन्दगी भी ढलती है*
.
*रिश्ते निभाने के लिए बुद्धि नहीं,*
*दिल की शुद्धि होनी चाहिये..!!*
*सत्य कहो, स्पष्ट कहो, सम्मुख कहो,*
*जो अपना हुआ तो समझेगा,*
*जो पराया हुआ तो छुटेगा.!!*
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