कितनी तारीफ करूं बाईसा की खूबसूरती की,पूरी एक किताब तो बस उसके होठों पर ही खत्म हो गई।
उस बाईसा ने हमारा दिल भी जला दिया,पुछा तो कहती हैं, बन्ना सा कल ठंड बहुत ही ज्यादा थी
बन्ना मोहब्बत हो आप बाईसा की,गुमान तो होना ही चाहिए इसका।
सुनो बाईसा” लफ़्ज, अल्फ़ाज़, कागज़ और किताबें, ये सब बेमानी हैंआप कहते रहो हम सुनते रहें बस इतनी सी कहानी।
बाईसा ने कहा पागल हो आप कुँवर सा,मैने कहा सिर्फ आपके लिए वरना,औरो की तो इतना कहते ही सांसे रुक जाती हैं।
बाईसा रानी से आज पुछा मैंने कि पढ़ाई करके कै बणेगी,वो बोली ना तो पुलिस ना ही पटवारी, अब तो मैं थारी बींदणी बणूंगी।
बाईसा हो इसलिए घमंड हो होगा ही,वरना कब का जवाब आ गया होता ।
मेरी मोहब्बत ही देखनी हैं बाईसा तो गले लगाकर देखो,अगर धडकन ना रूक गयी तो मोहब्बत ठुकरा देना ।।
बाईसा बस यही सोच कर आपकी हर बात सच मांन लेते हैंकि इतने खूबसूरत होंठ झूठ केसे बोलेंगे।
सुनो बाईसा शुक्र हैं कि ये दिल सिर्फ़ धड़कता हैं,अगर बोलता तो कयामत आ जाती।
पता हैं बाईसा आपकी ओर हमारी मुस्कान में फ़र्क़ क्या हैंआप ख़ुश होकर मुस्कुराते हो, हम आपको देख कर मुस्कुराते हैं।
हम भी जानते है कि युध्द के मैदान में और बाईसा से ईश्क में रिस्क होता हैंलेकिन जहाँ रिस्क होता है वहाँ पे बन्ना का होना फ़िक्स होता हैं।
किसी को दिल का दीवाना पसंद हैं, किसी को दिल का नज़राना पसंद हैंऔरो की पसंद तो हमें नहीं पता, हमे तो बाईसा आपका मुस्कुराना पसंद हैं।
सुनो बन्नीसा एहेसास मिटा तलाश मिटी ओर मिट गई सारी उम्मीदे ।सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है । सिर्फ आपकी यादे
सुनो बन्नीसा आपकी मोहब्बत की हिफाज़त कुछ इस तरह की है हमने जब कभी किसी ने प्यार से देखा नजरे जुका ली हमने ।
शान हमारी #बन्नामर्यादा हमारे #बाईसाइन दो शब्दों मै ही बसता हैंपूरा #राजपूताना
कुछ कर गुजरने का #जुनूनहर दम #सवार रहता है..क्या करे #बन्ना है हम #रगों में #राजपूती खून जो #बहता है..!.
बंदिशों में रहना मेरी फितरत में नहीं....क्योंकि हम बहते हुए पानी को भी रोक देते हैं।.....#Rajput_Banna🚩#Rajput_Baisa

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